Wednesday, 18 January 2012

बीडीओ रिवालसर और खंड साक्षरता समिती सचिव को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा


मंडी। सरकारी धन का दुरूपयोग करके विश्वासघात करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने रिवालसर खंड के बीडीओ और खंड साक्षरता समिती के सचिव को दो-दो साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशी निश्चित समय में अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान के न्यायलय ने रिवालसर खंड के बीडीओ चौपाल गांव निवासी बाल मुकुंद पुत्र जीवन राम और साक्षरता समिती रिवालसर खंड के सचिव धार (रिवालसर) निवासी किश्न चंद पुत्र सुख राम के खिलाफ भादंसं की धारा 409 के तहत अभियोग साबित होने पर उन्हे उकत कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला साक्षरता समिती के अध्यक्ष सुंदर लोहिया ने इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार समिती एक सवयंसेवी संसथा है जिसका कार्यालय मंडी में सथित है। समिती जिला में 100 फीसदी साक्षरता दर हासिल करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं कार्यान्वित करवा रही है। समिती के कार्य का विकेन्द्रीकरण करने के लिए उपमंडलाधिकारी को अध्यक्ष, बीडीओ को उपाध्यक्ष और एक गैर सरकारी अधिकारी को सचिव और संचालक के रूप में तैनात किया गया है। जिला से भेजी गई राशी संबंधित खंड के बैंक में जमा होती है। इस राशी को उपाध्यक्ष और सचिव के संयुकत हसताक्षरों से ही निकाला जा सकता है। लेकिन आरोपियों ने 9 अप्रैल 1999 से 9 जून 1999 के बीच 1,14,943 रूपये की राशी का निजी आवश्यकताओं के लिए दुरूपयोग कर दिया। पुलिस ने समिती के जिला अध्यक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक राजरानी ने 24 गवाहों के बयान कलमबंद करवाकर अभियोग को साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने सरकारी धन का प्रयोग अपने निजी आवश्यकताओं के लिए किया जो विश्वासघात के अपराध को साबित करता है। ऐसे में अदालत ने आरोपियों को उकत सजा का फैसला सुनाया।

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