मंडी। यहां के पैलेस कलौनी में मिलटरी कैंटीन के पास स्थित एक ऐतिहासिक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। मंडी की संस्था आरटीआई ब्युरो ने वन विभाग के कंजरवेटर को इस कटान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को यहां के पैलेस मुहल्ला में एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान शुरू हो गया। जिस पर स्थानिय वासियों ने इस कटान की सूचना आरटीआई बयुरो को दी। ऐसे में ब्युरो के संयोजक लवण ठाकुर मौका पर पहुंचे। उन्होने बताया कि पैलेस स्थित राजमहल के परिसर में सैंकडों साल पुराने एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जिस तरह से पेड का कटान हो रहा है उससे यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। उन्होने पीपल का कटान तुरंत प्रभाव से रोकने के लिए वन विभाग के कंजरवेटर से शिकायत की है। इधर, कंजरवेटर सी बी पांडये ने बताया कि शिकायत पर जांच करवाई जाएगी।
Tuesday, 31 January 2012
Sunday, 29 January 2012
एसएचओ श्रेष्ठा ठाकुर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में
मुख्यमंत्री से उपायुक्त कार्यालय में जारी अवैध निर्माण रोकने की मांग की
मंडी। उपायुक्त कार्यालय में एक बार फिर से इन दिनों खुद जिला प्रशासन अवैध निर्माण करवा रहा है। इससे पहले भी उपायुक्त कार्यालय में अवैध निर्माण करवाने पर कार्यालय को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है। शहर की एक संस्था आरटीआई ब्यूरो ने इस कार्यालय में इन दिनों जारी अवैध निर्माण की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है। जानकारी के अनुसार उपायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार के पोर्च पर एक कमरे का निर्माण कार्य जोरों पर है। जिससे भवन को विकृत किया जा रहा है। यह पोर्च उपायुक्त कार्यालय भवन का हिस्सा है। जिसकी कोई उचित नींव भी नहीं है। पोर्च की एक अलग छत है। सीमेंट के इस स्लैब में पहले ही दरारें पड चुकी हैं। पोर्च की छत पर बनाए जा रहे इस कमरे पर अतिरिक्त भार पडने से कोई भी दुर्घटना घटित हो सकती है। इतना ही नहीं यह निर्माण कार्य नगर परिषद और नगर नियोजन विभाग की अनुमति के बिना हो रहा है। आरटीआई ब्युरो के अनुसार उपायुक्त कार्यालय में यह अवैध निर्माण कार्य पहली बार नहीं हो रहा है बलकि इससे पहले भी नगर नियोजन के कानूनों को नजरअंदाज करने पर उपायुक्त कार्यालय को दो बार नोटिस दिया जा चुका है। संस्था का कहना है कि वैसे भी अवैध निर्माण के मामलों में दिनों दिन बढौतरी हो रही है। ऐसे में उपायुक्त कार्योंलय से कायदे कानूनों को दरकिनार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। संस्था के संयोजक लवण ठाकुर ने कहा कि उच्च न्यायलय ने भी नगर परिषद को बढ रहे अवैध निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किया है। समय की जरूरत है कि अधिकारियों को कायदे कानूनों के प्रति सम्मान का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करके इस कार्यालय में हो रहे अवैध निर्माण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है।
एसएचओ जोगिन्द्रनगर श्रेष्ठा ठाकुर 40,000 रूपये रिश्वत लेती पकडी गई, दो दिन का पुलिस रिमांड
जिला न्यायलय परिसर में मनाया गया गणतंत्र दिवस
मंडी। जिला न्यायलय परिसर में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह ने गार्ड आफ आनर के बाद राषट्र ध्वज का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अतिरिकत जिला एवं सत्र न्यायधीश राकेश कैंथला, मुखय न्यायिक दंडाधिकारी डी आर ठाकुर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर एक प्रवीण चौहान, कोर्ट नं दो राजेश चौहान, कोर्ट नं तीन अमरदीप सिंह, सेवानिवृत जिला एवं सत्र न्यायधीश एम आर चौधरी, टी एन वैदया, आर सी शर्मा और जिला न्यायलय के सटाफ के सभी सदसय मौजूद थे।
Wednesday, 25 January 2012
फेम ने किया डिफेम
ऐतिहासिक डिभा बावडी का प्रदूषित जल हुआ निर्मल
मंडी। शहर के भगवान मुहल्ला में स्थित ऐतिहासिक डिभा बावडी का प्रदुषित जल साफ हो गया है। सिंचाई एवं जन स्वासथय विभाग की रिपोर्ट आने के बाद नगर परिषद ने बावडी का पानी पीने योग्य होने की घोषणा की है। इसी के साथ भगवान मुहल्ला के वाशिंदों को राहत मिली है। करीब नौ महीने पहले ऐतिहासिक डिभा बावडी का निर्मल पानी प्रदूषित हो गया था। पानी के प्रदूषित होने का कारण बावडी के नजदीक बनाया गया सीवरेज टैंक और बावडी की पुरातन सीढियां तोडना माना जा रहा था। जिसके बाद स्थानिय निवासियों ने उपायुक्त को ज्ञापन देकर इस बावडी के अस्तित्व को बचाने की मांग की थी। जिस पर उपायुक्त ने सिंचाई एवं जन स्वासथय विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। लंबी जदोजहद के बाद आई पी एच विभाग ने बावडी के पास स्थित सीवरेज के टैंक को बंद करवा दिया है। इसके अलावा विभाग ने बावडी के पानी का परिक्षण भी लिया था। आई पी एच विभाग ने परिक्षण के बाद बावडी का पानी पीने योग्य होने की रिर्पोट नगर परिषद को सौंपी है। जिस पर नगर परिषद ने डिभा बावडी परिसर में पानी के पीने योग्य होने की सूचना लगा कर इसकी घोषणा की है। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने बावडी का पानी स्वच्छ होने की पुष्टि करते हुए बताया कि आईपीएच विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इसे पीने योग्य घोषित किया गया है। उन्होने बताया कि लोगों की जानकारी के लिए इस बारे में बावडी परिसर में सूचना लगा दी गई है। इधर,बावडी के पानी के साफ हो जाने का पता चलते ही मुहल्ला वासियों में खुशी की लहर है। स्थानिय पार्षद अलकनंदा हांडा, भगवान युवक मंडल के समीर कश्यप, कुलदीप शर्मा, तिलक राज, मंडल के उपाध्यक्ष यश कांत कश्यप, महासचिव योगेश मोदगिल, धीरज, पंकज और स्थानिय वासियों नरपत भारद्वाज,दीनू कश्यप, धनदेव भारद्वाज सहित शहरवासियों ने बावडी का पानी साफ करवाने के लिए प्रशासन की पहल पर आभार प्रकट किया है।
आई पी एच विभाग को उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना अदा करने के आदेश
अंतराष्ट्रिय शिवरात्री मेला कमेटी को दिए गए मीडिया की ओर से सुझाव
Monday, 23 January 2012
युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य का चुनाव अवैध घोषित करना आत्मघाती कदम
मंडी। जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव को अवैध घोषित करने को आत्मघाती कदम करार दिया है। इन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र प्रेषित पत्र करके इस फैसले के बाद उत्पन हुई ताजा स्थितियों से अवगत करवाया है। पार्टी नेताओं के अनुसार युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य के चुनाव को अवैध घोषित करने और उन्हे चुनाव लडने से रोके जाने के फैसले का कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर विपरीत असर पडा है। नेताओं व कार्यकर्ताओं का मानना है कि चुनावी साल में इस तरह के फैसले कांग्रेस की छवि पर गल्त प्रभाव डाल सकते हैं। उनके अनुसार विक्रमादित्य चुनाव लड कर अध्यक्ष बने हैं जिन्हे युकां के सदस्यों का पूर्ण समर्थन है लेकिन फेमा के फैसले को संवैधानिक तौर पर गल्त आंका जा रहा है। मंडी नगर परिषद और जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दुनी चंद शर्मा, जिला इंटक के अध्यक्ष वाई पी कपूर, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान वीरी सिंह चौहान, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कृष्णा टंडन, जिला महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और पार्षद शन्नो शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव डिकन राणा, सदर कांग्रेस के महासचिव आकाश शर्मा, नगर परिषद की पूर्व पार्षद आशा चोपडा, आनंद कुमार, अन्नू शर्मा, कांग्रेस कार्यकर्ता तरूण पाठक, अभिजीत डोगरा, योगेश गोल्डी और यशकांत कश्यप ने मांग की है कि पार्टी के हितों को देखते हुए इस फैसले को निरस्त किया जाए।
Sunday, 22 January 2012
वेलफेयर एसोसिएशन ने किया न्यायिक कर्मियों का विदाई समारोह आयोजित
मंडी। जिला अदालत में कार्यरत दो कर्मियों की सेवानिवृति पर जिला न्यायिक कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन द्वारा एक समारोह आयोजित किया गया। यहां के राजमहल होटल में आयोजित इस समारोह में सेवानिवृत होने वाले न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो में कार्यरत अधीक्षक वर्ग दो नंद लाल और रीडर शेर सिंह को सम्मानित किया गया। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सेवानिवृत होने वाले कर्मी हमेशा न्यायिक संस्था के परिवार का हिस्सा रहेंगे और संस्था के दूत के रूप में कार्य करते रहेंगे। उन्होने कहा कि न्यायपालिका में कर्मी नौकरी नहीं बल्कि एक मिशन की तरह कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि सेवानिवृत होने वाले कर्मियों के अनुभव और मार्गदर्शन की संस्था को हमेशा जरूरत रहेगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान ने दोनों कर्मियों की सराहना करते हुए मेहनती व कर्मठ कर्मी बताया। इस अवसर पर जिला न्यायिक कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान नवल शर्मा ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो में कार्यरत अधीक्षक वर्ग दो नंद लाल और रीडर शेर सिंह की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते उनसे प्रेरणा लेने का आहवान किया। एसोसिएशन के महासचिव प्रेम सिंह ने बताया कि इस मौके पर सेवानिवृत होने वाले कर्मियों ने भी न्यायिक कर्मियों को संबोधित किया। उन्होने बताया कि समारोह में अतिरिक्त जिला एवं सत्र राकेश कैंथला, फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी राजिन्द्र कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डी आर ठाकुर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर एक प्रवीण चौहान, कोर्ट नंबर तीन अमनदीप सिंह, कोर्ट नंबर चार उपासना शर्मा सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य स्टाफ मौजूद था।
उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश धर्म चंद चौधरी शनिवार को लेंगे शपथ
मंडी। जिला मंडी से संबंध रखने वाले प्रदेश उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार जनरल धर्म चंद चौधरी शनिवार को उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसी के साथ वह न्यायमुर्ति ए एल वैद्या के बाद इस पद तक पहुंचने वाले जिला मंडी के दूसरे न्यायमूर्ति बन जाएंगे। उनके उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश बनने की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड पडी है। जिला के सदर उपमंडल के लोहारा गांव में 1958 में जन्मे धर्म चंद चौधरी ने कुल्लू महाविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद साल 1983 में हिमाचल प्रदेश विश्विदयालय शिमला से कानून स्नातक की डिग्री हासिल की थी। उन्होने शिमला में करीब 12 साल तक उच्च न्यायलय, अधीनस्थ न्यायलयों और हि प्र प्रशासनिक ट्रिब्युनल में बतौर अधिवक्ता वकालत की थी। इस दौरान उन्होने उच्च न्यायलय में केन्द्र सरकार के अतिरिक्त स्टैंडिंग कौंसिल सहित अनेकों सरकारी और अर्धसरकारी बोर्डों और फेडरेशनों के कानूनी सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। साल 1995 में उन्हे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के रूप में तैनात किया गया। उन्होने मंडी, कुल्लू, लाहौल स्पिती और जिला शिमला में बतौर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के पद पर कार्य किया। उन्हे साल 1999 में जिला एवं सत्र न्यायधीश (इंस्पैकशन) के रूप में तैनात किया गया। वह साल 2001 में जिला हमीरपूर के जिला एवं सत्र न्यायधीश पदस्थ किये गए। वर्ष 2004 में उन्हे जिला मंडी, कुल्लू एवं लाहौल स्पिती के जिला उपभोक्ता फोरमों के अध्यक्ष रूप में तैनात किया गया। वह साल 2006 में जिला एवं सत्र न्यायधीश कुल्लू के रूप में भी कार्यरत रहे। इसी साल उन्हे उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार (रूल) के रूप में तैनात किया गया। वह वर्ष 2010 से मौजूदा पद पर कार्यरत थे। इधर, उनके उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश बनाए जाने की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड गई है। वह न्यायमुर्ती ए एल वैद्या के बाद मंडी जिला से संबंध रखने वाले उच्च न्यायलय के दूसरे न्यायमुर्ती बने हैं। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धर्म चंद गुलेरिया, पूर्व प्रधान दुनी चंद शर्मा, प्रदेश बार कौंसिल के सदस्य देश राज, नरेन्द्र गुलेरिया और बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव समीर कश्यप सहित बार एसोसिएशन के सदस्यों ने उनके अतिरिक्त न्यायधीश बनने पर उन्हे बधाई दी है।
Thursday, 19 January 2012
वाहन विक्रेता और निर्माता को उपभोक्ता के पक्ष में 25 हजार रूपये हर्जाना अदा करने के आदेश
Wednesday, 18 January 2012
बीडीओ रिवालसर और खंड साक्षरता समिती सचिव को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा
चरस सहित पकडे जाने के दो आरोपियों को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा
Tuesday, 17 January 2012
किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई
परिवहन निगम के चालक को तीन माह के साधारण कारावास और 1000 रूपये जुर्माने की सजा
Monday, 16 January 2012
प्रेस क्लब सदस्यों को जारी करेगा आई कार्ड
चरस तस्करी के आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा
Wednesday, 11 January 2012
बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 24 हजार रूपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश
मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 24 हजार रूपये की राशी ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 1000 रूपये हर्जाना और 1000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने सदर उपमंडल के ऊबा (शिवा) निवासी गिरधारी लाल पुत्र गंगा राम की शिकायत को उचित मानते हुए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की पैलेस कलौनी स्थित शाखा को उक्त राशी 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। अधिवक्ता पुष्प राज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने अपनी चार जर्सी गायें बीमाकृत करवाई थी। बीमा अवधी के दौरान ही एक गाय की पहाडी से गिरने से मौत हो गई। उपभोक्ता ने गाय खरीदने में वितिय सहायता देने वाले हि.प्र. को-आपरेटिव बैंक को सूचित किया था। बैंक ने इसकी सूचना बीमा कंपनी को दी थी। कंपनी की सलाह पर उपभोक्ता ने मृत गाय का पोस्टमार्टम करवाकर इसकी रिर्पोट सहित तमाम दस्तावेज कंपनी को बैंक के माध्यम से पहुंचाए थे। उपभोक्ता को कंपनी की ओर से एक पत्र मिला जिसमें गाय के कान के टैग की मांग की गई। जिस पर उपभोक्ता ने कंपनी के कार्यालय में जाकर बताया कि कानों का टैग अन्य दस्तावेजों सहित पहले ही मुआवजा तय करने के लिए सौंप दिया गया है। इस बारे में बैंक ने एक प्रमाण पत्र भी जारी किया था जिसके अनुसार कानों का टैग तथा अन्य दस्तावेज कंपनी को सौंप दिये गए थे। लेकिन कंपनी के मुआवजा तय न करने पर उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस बारे में कंपनी का कहना था कि मृत गाय के कान में आधा टुटा हुआ और ढीला टैग था। जिस पर कंपनी का नाम नहीं था। इस कारण मुआवजा खारिज किया गया। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि मृत गाय की पहचान हेल्थ सर्टीफिकेट और पोस्ट मार्टम रिर्पोट के विवरणों से साबित होती है। यह विवरण कंपनी के सर्वेयर की रिर्पोट से भी मेल खाते हैं। कंपनी ने बैंक द्वारा जमा करवाए गये टैग के आधे हिस्से को भी पेश नहीं किया। फोरम ने अपने नतीजे पर पहुंचते हुए कहा कि मृत गाय वही थी जिसका बीमा करवाया गया था। ऐसे में फोरम ने कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में गाय की मुआवजा राशी ब्याज सहित अदा करने के अलावा हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।
Tuesday, 10 January 2012
बिजली बोर्ड को उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना अदा करने के आदेश
Monday, 9 January 2012
एएसपी हीरा सिंह ठाकुर सहित जिला के 6 पुलिस कर्मी डी जी डिस्क अवार्ड से होंगे सम्मानित
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