Wednesday, 8 February 2012

विस्फोटक बरामद होने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने किए तीन आरोपी बरी


मंडी। विस्फोटक पदार्थ रखने के तीन आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित न होने पर अदालत ने उन्हे बरी करने का फैसला सुनाय। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश राकेश कैंथला के न्यायलय ने औट तहसील के रैंस गांव निवासी चिरंजी लाल पुत्र हरी सिंह, निश गांव निवासी भेद राम पुत्र अच्छरू राम और नेपाल के अंचल भगवंती के बथोंग (सिधपुल चौक) निवासी कैला लामा पुत्र नीमे दोरजे के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत अभियोग साबित नहीं होने पर उन्हे बरी करने का फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार औट थाना पुलिस का दल 19 दिसंबर 2002 को खोती नाला के पास तैनात था। इसी दौरान हणोगी की ओर से कंधे पर बैग उठाए आ रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोक कर उसके बैग की तलाशी ली गई। पुलिस को तलाशी के दौरान बैग से 20 डेटोनेटर (जिलेटीन) और 9 कैपस (टोपियां) बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी चिरंजी लाल को विस्फोटक अधिनियम के तहत हिरासत में लिया था। आरोपी ने पुलिस तहकीकात में बताया था कि यह विस्फोटक आरोपी कैला लामा ने आरोपी भेद राम को बेचे थे और उसने यह भेदराम से खरीदे थे। इस पर पुलिस ने भेद राम और कैला लामा को भी हिरासत में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 8 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता समीर कश्यप का कहना था कि इस मामले के स्वतंत्र गवाहों ने पुलिस अधिकारियों के बयानों से विरोधाभासी बयान दिये हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका जिससे आरोपियों पर संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित हो सके। ऐसे में अदालत ने आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया।

Tuesday, 7 February 2012

गुरू रविदास ने भगवान के संदेह वाहक के रूप में कार्य कियाः विक्रमादित्य सिंह


मंडी। हिमाचल प्रदेश खेल संस्कृति एवं पर्यावरण संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने संत परंपरा के महान योगी एवं परम ज्ञानी गुरू रविदास जी के 635 वें प्रकटोत्सव पर यहां के रवि नगर में आयोजित धार्मिक समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि विश्व की रचना करने वाले भगवान अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए समय समय पर अपने संदेश वाहक पृथ्वी पर भेजते रहते हैं। यह संदेश वाहक संतों और योगियों के रूप में भगवान का प्यार लोगों में बांटते हैं। ऐसे ही एक योगी पुरूष गुरू रवि दास जी थे। गुरू रविदास जी उच्च कोटी के पूर्ण संत थे। उनकी दृष्टि में कर्म ही धर्म था। उनका जीवन इस बात का महान उदाहरण है कि हम संसार में रहते हुए और सामाजिक दायित्व निभाते हुए भी प्रभु प्राप्ती का मार्ग पा सकते हैं। उनकी वाणी अत्यंत सरल और उदार विचारों व भक्ति भावना से पूर्ण थी। उनके भजन श्रद्धा से गाए जाते हैं। ऐसे संत के बताए मार्ग पर चलना प्रत्येक इंसान का कर्तव्य है। विक्रमादित्य सिंह ने रविदास सभा द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथी के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर रविनगर स्थित गुरू रविदास के गुरूद्वारे में झंडा रस्म अदा की। सभा की ओर से विक्रमादित्य सिंह को सिरोपा भी भेंट किया गया। इस मौके पर रविदास सभा के प्रधान जयकिशन, पार्षद विमला, योगराज, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष पुष्प राज शर्मा, राजेन्द्र मोहन, युवां कांग्रेस के संसदीय अध्यक्ष संजय डोगरा तथा स्थानिय निवासी भारी संख्या में मौजूद थे।

सराची गांव में देवता गहरल और पांजवीर की भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशीश


मंडी। गोहर उपमंडल की थुनाग तहसील के सराची गांव में देवता गहरल और देवता पांजवीर की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करके शैड डाल दिए हैं। इस अवैध कब्जे की कोशीश का पता लगते ही स्थानिय लोगों ने वन विभाग को सूचित किया था। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही न होने के कारण सराची गांव निवासियों के एक प्रतिनिधीमंडल ने मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल को ज्ञापन प्रेषित किया है। इस प्रतिनिधीमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त हंस राज चौहान को भी इस बारे में ज्ञापन सौंपा है। सराची गांव निवासियों प्यारे लाल, कांशी राम, नरोतम राम, अनुप चंद व अन्यों ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने देहुरीधार में देवता गहरल और पांजवीर की झुघाणीनाला डीपीएफ जंगल में स्थित भूमि पर कब्जा करने की नीयत से पांच कमरों का शैड बना दिया है। देवता की इस वन भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशीश का पता चलते ही स्थानिय लोगों ने वन विभाग के कंजरेवेटर और नाचन उपमंडल के डीएफओ को भी सूचना दे दी गई थी। लेकिन विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है और वन भूमि की जमीन पर अवैध कब्जा करने की इस कोशीश पर रोक लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इधर, अतिरिक्त उपायुक्त हंस राज चौहान ने प्रतिनिधीमंडल के ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए थुनाग तहसील के तहसीलदार को इस मामले में छानबीन करके आवश्यक कार्यवाही अम्ल में लाने के निर्देश दिए हैं।

Saturday, 4 February 2012

प्रेस क्लब मंडी ने परिवहन मंत्री के वकतव्य पर आपति जताई


मंडी। प्रेस क्लब मंडी ने परिवहन मंत्री महेन्द्र सिंह के सरकाघाट में जनसभा को संबोधित करते हुए पत्रकारों के खिलाफ दिये गए वकतव्य पर कडी आपति जताई है। प्रेस क्लब ने इस मामले में प्रेस क्लब सरकाघाट का पूरा-पूरा समर्थन किया है। प्रेस क्लब मंडी की कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को रामनगर स्थित प्रेस क्लब भवन में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता प्रेस क्लब के अध्यक्ष बीरबल शर्मा ने की। क्लब के महासचिव समीर कश्यप ने बताया कि क्लब ने सरकाघाट प्रेस क्लब का समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित किया है। परिवहन मंत्री महेन्द्र सिंह के सरकाघाट प्रेस क्लब को पत्रकारिता माफिया कहने का विरोध जताते हुए क्लब ने मंत्री से माफी मांगने की मांग की है। उन्होने कहा कि अगर परिवहन मंत्री को किसी पत्रकार विशेष से शिकायत थी तो उन्हे सपष्ट तौर पर उनका नाम लेना चाहिए था। लेकिन पत्रकार वर्ग के खिलाफ सामुहिक तौर पर इस तरह के वकतव्य पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण तरीके से मानहानी करने वाला है। प्रेस क्लब ने परिवहन मंत्री से इस मामले को जल्द सुलझाने की मांग की है। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब की सदस्यता का अभियान 15 फरवरी तक बढा दिया गया है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रामनगर स्थित क्लब भवन के उदघाटन के लिए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से आग्रह किया जाएगा। बैठक में प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर, सह सचिव रमेश यादव, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मुरारी शर्मा और नारायण ठाकुर भी मौजूद थे।

पुलिस और जनता की दूरी समाप्त की जाएः आशीष


मंडी। सदर पुलिस थाना परिसर में शुक्रवार को पुलिस सामुदायिक योजना की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पुलिस उपाधीक्षक आशीष शर्मा ने की। इस अवसर पर सामुदायिक योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि इस योजना का उदेश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी समाप्त करना है। जिससे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा उन्होने सडक सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करने का आहवान किया। उन्होने कहा कि हालांकि पुलिस ने सडक सुरक्षा की जागरूकता के लिए विभिन्न सकूलों में पोस्टर भी लगवाए हैं। लेकिन खास तौर पर तेज रफ्तार बाईकरों की दुघर्टनाएं रोकने के लिए लोगों को इन बाईकस के नंबर पुलिस को बताने चाहिए। जिससे इस चालकों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जा सके। इसके अलावा लोगों को आसपास के क्षेत्र में घटित होने वाले अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भी पुलिस को देनी चाहिए। बैठक में मंडी शहर के विभिन्न वार्डों, पंडोह, लागधार, बाडी गुमाणु और सदर थाना अंतर्गत विभिन्न स्थानों से आए सामुदायिक योजना के सदस्यों ने भाग लिया। वहीं पर नशे के कारोबर में संलिप्त लोगों और नशे के शिकार युवकों के सुधारों पर भी बैठक में चर्चा की गई। इस अवसर पर सदर थाना प्रभारी सुरेन्द्र पाल मिन्हास, शहरी चौकी प्रभारी विजय कुमार और जिला एवं सत्र न्यायलय द्वारा सदर थाना में तैनात किए गए पैरा लीगल वालंटियर समीर कश्यप भी विशेष रूप से मौजूद थे।

Tuesday, 31 January 2012

सौ साल पुराने पीपल का बेदर्दी से कटान


मंडी। यहां के पैलेस कलौनी में मिलटरी कैंटीन के पास स्थित एक ऐतिहासिक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। मंडी की संस्था आरटीआई ब्युरो ने वन विभाग के कंजरवेटर को इस कटान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को यहां के पैलेस मुहल्ला में एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान शुरू हो गया। जिस पर स्थानिय वासियों ने इस कटान की सूचना आरटीआई बयुरो को दी। ऐसे में ब्युरो के संयोजक लवण ठाकुर मौका पर पहुंचे। उन्होने बताया कि पैलेस स्थित राजमहल के परिसर में सैंकडों साल पुराने एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जिस तरह से पेड का कटान हो रहा है उससे यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। उन्होने पीपल का कटान तुरंत प्रभाव से रोकने के लिए वन विभाग के कंजरवेटर से शिकायत की है। इधर, कंजरवेटर सी बी पांडये ने बताया कि शिकायत पर जांच करवाई जाएगी।

Sunday, 29 January 2012

एसएचओ श्रेष्ठा ठाकुर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में


मंडी। चालीस हजार रूपये रिश्वत लेती रंगे हाथ पकडी गई जोगिन्द्रनगर की एसएचओ श्रेष्ठा ठाकुर को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी एसएचओ से हिफाजती तहकीकात शेष न होने के कारण अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह की विशेष अदालत के समक्ष रविवार को विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्युरो की टीम ने दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद 40,000 रूपये की रिश्वत लेती पकडी गई जोगिन्द्र नगर पुलिस थाना की एसएचओ श्रेषठा ठाकुर को पेश किया गया। जहां पर विजिलेंस का कहना था कि आरोपी से हिफाजती तहकीकात, पूछताछ और कोई बरामदगी शेष नहीं है। अदालत ने इन तथ्यों के मदेनजर आरोपी एसएचओ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस के दिन विजिलेंस की शिमला और मंडी की टीमों ने संयुक्त अभियान के तहत जोगिन्द्रनगर थाना में तैनात थाना प्रभारी श्रेष्ठा ठाकुर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। वह एक मामले को रफा दफा करवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रही थी। जिस पर विजिलेंस की टीम ने ट्रैप की कारवाही को अंजाम दिया था। आरोपी एसएचओ को 27 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह के न्यायलय में पेश किया गया था। जहां पर आरोपी से पुलिस तहकीकात और पूछताछ शेष होने के कारण उसे दो दिन के पुलिस रिमांड में भेजा गया था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद रविवार को अदालत से न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश के बाद आरोपी एसएचओ को उपजेल मंडी भेज दिया गया है। वहीं पर पुलिस विभाग ने भी विभागिय कारवाही करते हुए आरोपी एसएचओ को ससपेंड कर दिया है।

मुख्यमंत्री से उपायुक्त कार्यालय में जारी अवैध निर्माण रोकने की मांग की



मंडी। उपायुक्त कार्यालय में एक बार फिर से इन दिनों खुद जिला प्रशासन अवैध निर्माण करवा रहा है। इससे पहले भी उपायुक्त कार्यालय में अवैध निर्माण करवाने पर कार्यालय को दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है। शहर की एक संस्था आरटीआई ब्यूरो ने इस कार्यालय में इन दिनों जारी अवैध निर्माण की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री से की है। जानकारी के अनुसार उपायुक्त कार्यालय के मुख्य द्वार के पोर्च पर एक कमरे का निर्माण कार्य जोरों पर है। जिससे भवन को विकृत किया जा रहा है। यह पोर्च उपायुक्त कार्यालय भवन का हिस्सा है। जिसकी कोई उचित नींव भी नहीं है। पोर्च की एक अलग छत है। सीमेंट के इस स्लैब में पहले ही दरारें पड चुकी हैं। पोर्च की छत पर बनाए जा रहे इस कमरे पर अतिरिक्त भार पडने से कोई भी दुर्घटना घटित हो सकती है। इतना ही नहीं यह निर्माण कार्य नगर परिषद और नगर नियोजन विभाग की अनुमति के बिना हो रहा है। आरटीआई ब्युरो के अनुसार उपायुक्त कार्यालय में यह अवैध निर्माण कार्य पहली बार नहीं हो रहा है बलकि इससे पहले भी नगर नियोजन के कानूनों को नजरअंदाज करने पर उपायुक्त कार्यालय को दो बार नोटिस दिया जा चुका है। संस्था का कहना है कि वैसे भी अवैध निर्माण के मामलों में दिनों दिन बढौतरी हो रही है। ऐसे में उपायुक्त कार्योंलय से कायदे कानूनों को दरकिनार करने की उम्मीद नहीं की जा सकती। संस्था के संयोजक लवण ठाकुर ने कहा कि उच्च न्यायलय ने भी नगर परिषद को बढ रहे अवैध निर्माणों को लेकर नोटिस जारी किया है। समय की जरूरत है कि अधिकारियों को कायदे कानूनों के प्रति सम्मान का दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होने मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित करके इस कार्यालय में हो रहे अवैध निर्माण पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने की मांग की है।

एसएचओ जोगिन्द्रनगर श्रेष्ठा ठाकुर 40,000 रूपये रिश्वत लेती पकडी गई, दो दिन का पुलिस रिमांड


मंडी। जोगिन्द्र नगर पुलिस थाना प्रभारी श्रेष्ठा ठाकुर को 40,000 रूपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। प्रदेश में यह अपनी तरह का पहला मामला है जिसमें कोई महिला एसएचओ भ्रष्टाचार के मामले में फंसी हो। एंटी करप्शन एवं विजिलेंस ब्युरो शिमला और मंडी की टीम ने वीरवार शाम उन्हें हिरासत में लिया है। इधर, आरोपी थाना प्रभारी को अदालत ने दो दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है। जानकारी के अनुसार एंटी करप्शन एवं विजिलेंस ब्यूरो शिमला को सूचना मिली कि जोगिन्द्रनगर पुलिस थाना प्रभारी हमीरपूर के कृष्णा नगर निवासी श्रेष्ठा ठाकुर पत्नी जगदेव सिंह ठाकुर एक मामले को रफा दफा करने के लिए रिश्वत की मांग कर रही है। जिस पर उप पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र शर्मा की अगुवाई में पुलिस दल मंडी पहुंचा। जहां पर जोगिन्द्रनगर थाना अंर्तगत चडी निहार कलां निवासी नंद लाल पुत्र जोधा राम ने अपना बयान दर्ज करवाया। नंद लाल के ब्यान के अनुसार वह बीएसएफ में सिपाही के रूप में कार्यरत है। उसका बेटा अशोक कुमार भी बीएसएफ में बतौर सिपाही फिरोजपूर में तैनात है। नंद लाल को अशोक ने फोन पर बताया कि औल गांव निवासी राजेश कुमार ने उसे फोन पर धमकी दी है कि उसकी वजह से राकेश की बहन ने आत्महत्या की है। इस पर अशोक का कहना था कि राजेश की बहन उससे शादी करना चाहती थी लेकिन उसका रिश्ता हो चुका था। जिसके कारण उसने शादी से इंकार कर दिया था। नंद लाल ने राजेश से इस बारे में फोन पर संपर्क किया तो उसने अशोक को बहन की आत्महत्या का दोषी बताते हुए उसे भी धमकी दी। जिस पर इस मामले को सुलझाने की कोशीश लडभडोल पुलिस चौकी में भी की गई। लेकिन इसी बीच जोगिन्द्रनगर थाना में अशोक के खिलाफ आत्महत्या को प्रेरित करने का मामला दर्ज करने की शिकायत की गई। इसी शिकायत को रफा दफा करने के लिए थाना प्रभारी श्रेष्ठा ठाकुर ने रिश्वत की मांग की थी। विजिलेंस ने बीते कल भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करके शिमला और मंडी की टीमों को जोगिन्द्रनगर रवाना किया था। ब्युरो ने थाना प्रभारी को थाना में ही रिश्वत की राशी सहित रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार महिला एसएचओ को शुक्रवार को मंडी में खचाखच भरी हुई अदालत में पेश किया गया। जहां विजिलेंस की ओर से उप जिला न्यायवादी एन एस कटोच और निरिक्षक मदन धीमान ने अदालत से आरोपी के पुलिस रिमांड की मांग की। जिसे स्वीकारते हुए जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह की विशेष अदालत ने आरोपी महिला एसएचओ से पुलिस तहकीकात और पुछताछ शेष होने के कारण उसे 29 जनवरी तक पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया है।

जिला न्यायलय परिसर में मनाया गया गणतंत्र दिवस


मंडी। जिला न्यायलय परिसर में गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह ने गार्ड आफ आनर के बाद राषट्र ध्वज का ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर अतिरिकत जिला एवं सत्र न्यायधीश राकेश कैंथला, मुखय न्यायिक दंडाधिकारी डी आर ठाकुर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर एक प्रवीण चौहान, कोर्ट नं दो राजेश चौहान, कोर्ट नं तीन अमरदीप सिंह, सेवानिवृत जिला एवं सत्र न्यायधीश एम आर चौधरी, टी एन वैदया, आर सी शर्मा और जिला न्यायलय के सटाफ के सभी सदसय मौजूद थे।

Wednesday, 25 January 2012

फेम ने किया डिफेम


मंडी। फाउंडेशन फार एडवांस मैनेजमेंट आफ इलैक्शन (फेम) ने हिमाचल के युवा कांग्रेस के मतदाताओं की विश्वशनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। हिमाचल के लोग शान्तीप्रिय और ईमानदार छवि के लोग हैं। विक्रमादित्य सिंह को चुनाव न लडने देने का फैसला तथा उनके चुनावों को रद करना फेम की एक सोची समझी चाल है। युवा कांग्रेस के पूर्व महासचिव योगेश गोल्डी, यश कांत कश्यप, अभिजीत डोगरा, युवा कांग्रेस के प्रतिनिधी व मतदाता धीरज कौशिक, तेजिन्द्र सेन, अनुपम कश्यप, नितिश पंडित, विशाल कपूर, गगन, विपिन आदी युवाओं ने फेम के इस फैसले को अलोकतांत्रिक बताया। विक्रमादित्य सिंह ने पूरे हिमाचल भर में घूम कर युवा कांग्रेस की सदस्यता अभियान को आगे बढाया था। उनकी सवच्छ छवि को देख कर प्रदेश के ज्यादा से ज्यादा युवा कांग्रेस के साथ जुडे थे। वह ऐसा समय था जब सब नेता अपने घर में बैठे रहे और अकेले विक्रमादित्य सिंह खराब मौसम की परवाह किए बगैर इस अभियान को सफल बनाने में डटे हुए थे। इन नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि हम विक्रमादित्य सिंह की छवि व गतिशील नेतृत्व को देखकर भारी संख्या में युवा कांग्रेस से जुडे थे। अगर फेम के निर्णय को वापिस नहीं लिया गया तो हम सब युवा कांग्रेस की सदस्यता को सामुहिक रूप से त्याग देंगे। इन नेताओं ने कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी से मांग की है कि फेम के निर्णय को बदला जाए और फेम के अधिकारियों पर उचित कार्यवाही की जाए कयोंकि उन्होने देवभूमि के भोले भाले और शांतीप्रिय युवा मतदाताओं की विश्वशनीयता पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। फेम ने जो निर्णय लिया है वह एकतरफा निर्णय है कयोंकि इस पूरे प्रकरण में एक तरफा कार्यवाही अंजाम देकर प्राकृतिक न्याय से वंचित किया गया है। इन नेताओं ने राहुल गांधी से मांग की है कि विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का भविष्य हैं। अगर फेम का यह फैसला पलटा नहीं गया तो आने वाले समय में कांग्रेस को नुक्सान होगा।

ऐतिहासिक डिभा बावडी का प्रदूषित जल हुआ निर्मल


मंडी। शहर के भगवान मुहल्ला में स्थित ऐतिहासिक डिभा बावडी का प्रदुषित जल साफ हो गया है। सिंचाई एवं जन स्वासथय विभाग की रिपोर्ट आने के बाद नगर परिषद ने बावडी का पानी पीने योग्य होने की घोषणा की है। इसी के साथ भगवान मुहल्ला के वाशिंदों को राहत मिली है। करीब नौ महीने पहले ऐतिहासिक डिभा बावडी का निर्मल पानी प्रदूषित हो गया था। पानी के प्रदूषित होने का कारण बावडी के नजदीक बनाया गया सीवरेज टैंक और बावडी की पुरातन सीढियां तोडना माना जा रहा था। जिसके बाद स्थानिय निवासियों ने उपायुक्त को ज्ञापन देकर इस बावडी के अस्तित्व को बचाने की मांग की थी। जिस पर उपायुक्त ने सिंचाई एवं जन स्वासथय विभाग को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। लंबी जदोजहद के बाद आई पी एच विभाग ने बावडी के पास स्थित सीवरेज के टैंक को बंद करवा दिया है। इसके अलावा विभाग ने बावडी के पानी का परिक्षण भी लिया था। आई पी एच विभाग ने परिक्षण के बाद बावडी का पानी पीने योग्य होने की रिर्पोट नगर परिषद को सौंपी है। जिस पर नगर परिषद ने डिभा बावडी परिसर में पानी के पीने योग्य होने की सूचना लगा कर इसकी घोषणा की है। नगर परिषद की कार्यकारी अधिकारी उर्वशी वालिया ने बावडी का पानी स्वच्छ होने की पुष्टि करते हुए बताया कि आईपीएच विभाग की रिपोर्ट के आधार पर इसे पीने योग्य घोषित किया गया है। उन्होने बताया कि लोगों की जानकारी के लिए इस बारे में बावडी परिसर में सूचना लगा दी गई है। इधर,बावडी के पानी के साफ हो जाने का पता चलते ही मुहल्ला वासियों में खुशी की लहर है। स्थानिय पार्षद अलकनंदा हांडा, भगवान युवक मंडल के समीर कश्यप, कुलदीप शर्मा, तिलक राज, मंडल के उपाध्यक्ष यश कांत कश्यप, महासचिव योगेश मोदगिल, धीरज, पंकज और स्थानिय वासियों नरपत भारद्वाज,दीनू कश्यप, धनदेव भारद्वाज सहित शहरवासियों ने बावडी का पानी साफ करवाने के लिए प्रशासन की पहल पर आभार प्रकट किया है।

आई पी एच विभाग को उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना अदा करने के आदेश


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने सिंचाई एवं जन स्वासथय विभाग को कर्मी के उतराधिकारियों के पक्ष में दो लाख रूपये की मुआवजा राशी ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा उपभोक्ता के पक्ष में विभाग को पांच हजार रूपये हर्जाना और तीन हजार रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने को कहा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने सरकाघाट सर्किट बेंच के दौरान सुनाए फैसले में छातर (ब्रांग) निवासी कुंता देवी की शिकायत को उचित मानते हुए आईपीएच विभाग के सचिव और सरकाघाट डिविजन के कार्यकारी अभियंता को यह मुआवजा राशी 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। अधिवक्ता ए एस जसवाल के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता के पति झाबिया राम धर्मपूर उपमंडल के मंडप अनुभाग में बतौर हैल्पर वाटर गार्ड के रूप में तैनात था। साल 2009 के जुलाई महीने में झाबिया राम अपने कार्यस्थल को गया था। लेकिन जब देर शाम तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। झाबिया राम पानी के टेंक के पास अचेत अवस्था में मिला था। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। लेकिन बाद में उसकी उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी। उक्त कर्मी विभाग की जनरल पर्सनल एकसीडेंट बीमा स्कीम के तहत बीमाकृत था। उपभोक्ता ने झाबिया राम की पत्नी होने के नाते विभाग को तमाम दस्तावेज मुहैया करवा कर मुआवजे की मांग की थी। लेकिन मुआवजा अदा न करने पर फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विभाग ने तत्काल प्रभाव से किए जाने कार्य को लटकाए रखा। फोरम ने मुआवजा अदा न करने को सेवाओं में कमी करार देते हुए मुआवजा राशी ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। वहीं पर विभाग की कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले उक्त हर्जाना राशी और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

अंतराष्ट्रिय शिवरात्री मेला कमेटी को दिए गए मीडिया की ओर से सुझाव


मंडी। अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि उत्सव के आयोजन में सरकार दोहरे मापदंड अपना रही है। एक तरफ तो देवताओं को मिलने वाले नजराने में पिछले दो साल से लगातार 25 फीसदी की बढोतरी की जा रही है, वहीं दूसरी और देवताओं के वाद्य यंत्र बजाने वाले लोक वाद्यकों के नजराने में कोई बढ़ोतरी नहीं की जा रही है। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री गुलाब सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में हुई शिवरात्रि मेला कमेटी की बैठक में मीडिया की ओर से आयोजकों को यह आईना दिखाई गया। प्रैस क्लब के महासचिव समीर कश्यप ने इस मेले के बहाने देव स़ंस्कृति और लोक संस्कृति की अनूठी परम्परा के संरक्षण के लिए लिखित में कमेटी को सुझाव दिए। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि मेले का मुख्य आकर्षण देवता, देवलू और बजंतरी हैं। वे मेले की आर्थिकी का आधार भी हैं। कुछ सालों से देवताओं के आदर सम्मान में कमी हो रही है। लोक संस्कृति के संरक्षण के लिए पड्डल मैदान में शुरू किये गया बजंतरी उत्सव को भी पर्याप्त अधिमान नहीं दिया जा रहा है। उन्होने कहा कि इस बार शिवरात्रि मेला सर्द ऋतु में आ रहा है, इसलिए देवताओं के साथ आने वाले देवलुओं व बजंतरियों के रहने के रहने के उचित प्रबंध किए जाएं, उन्हें दरियां व गर्म बिछौने उपलब्ध करवाए जाएं तथा उनके ठहराव के लिए विभिन्न परिसरों में कुल्लू दशहरा की तर्ज पर टैंट लगाए जाएं। जहां देवता और देवताओं के साथ आए हुए देवलुओं को ठहराया जाए वहां आग के अलाव के लिए जलाने की लडक़ी उपलब्ध करवाई जाए। उत्सव में कुछ ऐसे गैर पंजीकृत देवता भी कई सालों से माधेराय की के दरबार में हाजरी भरते हैं, उन्हें भी मेहमान समझ कर पूरा आदर सत्कार कर उनके रहने खाने की समुचित व्यवस्था कर दी जानी चाहिए। प्रेस क्लब के महासचिव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि पर निकलने वाली झांकियां (जलेब) नीरस होती जा रही हैं। जेलब में विंटर कार्निवाल की तर्ज पर सृजनात्मक झांकियां शामिल की जाएं। मेले के दौरान होने वाले खेल आयोजन सीमित हो चुके हें। ऐसे में जबकि शिवरात्रि उत्सव मंडी जिला के लिए ग्रामीण खेल कूद प्रतियोगिताओं के लिए एक मात्र उत्सव है, ग्रामीण खेलें इस उत्सव से गायब होती जा रही हैं। उसी तरह फुटबाल, हाकी, बेडमिंटन , क्रिकेट, बॉस्केटवाल , निशानेबाजी और शतरंज की प्रतियोगिताएं भी बंद कर दी गई हैं,जिससे ग्रामीण व स्थानीय प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का अवसर प्रदान नहीं हो रहा है। उन्होने मांग उठाई कि सेरी मंच पर होने वाली सांस्कृतिक संध्याओं में लोक कलाकरों , साहित्यकर्मियों व अन्य विद्याओं में गंभीर काम करने वाले कलाकारों की अनदेखी हो रही है। बिना मूल्यांकन किए ही कलाकारों का चयन और भुगतान हो रहा है। सेरी मंच पर सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है, वहीं सुरक्षा की दृष्टि से जिला पुलिस के लिए भी मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में सेरी मंच की जगह पड्डल मैदान में सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाए। इससे व्यापारिक मेले का कारोबार भी बढ़ेगा। मेले के लिए जल्दबाजी और हड़बडी में प्रबंधन से जहां खर्चे बढ़ जाते हैं, वहीं काम भी गुणवतापूर्वक नहीं हो पाते। ऐसे में भविष्य में समय रहते ही शिवरात्रि मेले को लेकर तैयारियां शुरू की जानी चाहिए। शहर को संवारने और बाबा भूतनाथ की सफाई का काम अंतिम क्षणों में शुरू हो रहा है। ऐसे में संदेह है कि निर्धारित समय पर यह काम पूरा होगा। शहर में बिजली और अस्थाई शौचालय की तत्काल व्यवस्था की जाए । शिवरात्रि उत्सव के दौरान पिछले दो सालों से मेला मेला कमेटी की पहल पर गांधी भवन में आयोजित किए जा रहे शास्त्रीय गायन, नृत्य और नाट्य उत्सव एवं कवि सम्मेलन एक सराहनीय कदम है । इस उत्सव को और बेहतर करने के लिए अधिक बजट का प्रावधान किया जाना चाहिए जिससे गंभीर कला के साधकों को उचित रूप से सम्मानित किया जा सके। उन्होने कहा कि इस कार्यक्रम को बेहतर करने के लिए उचित कमेटी का गठन किया जाना भी समय की जरूरत है।

Monday, 23 January 2012

युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य का चुनाव अवैध घोषित करना आत्मघाती कदम


मंडी। जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष के चुनाव को अवैध घोषित करने को आत्मघाती कदम करार दिया है। इन पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी को पत्र प्रेषित पत्र करके इस फैसले के बाद उत्पन हुई ताजा स्थितियों से अवगत करवाया है। पार्टी नेताओं के अनुसार युकां अध्यक्ष विक्रमादित्य के चुनाव को अवैध घोषित करने और उन्हे चुनाव लडने से रोके जाने के फैसले का कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं पर विपरीत असर पडा है। नेताओं व कार्यकर्ताओं का मानना है कि चुनावी साल में इस तरह के फैसले कांग्रेस की छवि पर गल्त प्रभाव डाल सकते हैं। उनके अनुसार विक्रमादित्य चुनाव लड कर अध्यक्ष बने हैं जिन्हे युकां के सदस्यों का पूर्ण समर्थन है लेकिन फेमा के फैसले को संवैधानिक तौर पर गल्त आंका जा रहा है। मंडी नगर परिषद और जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष दुनी चंद शर्मा, जिला इंटक के अध्यक्ष वाई पी कपूर, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रधान वीरी सिंह चौहान, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष कृष्णा टंडन, जिला महिला कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और पार्षद शन्नो शर्मा, जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व महासचिव डिकन राणा, सदर कांग्रेस के महासचिव आकाश शर्मा, नगर परिषद की पूर्व पार्षद आशा चोपडा, आनंद कुमार, अन्नू शर्मा, कांग्रेस कार्यकर्ता तरूण पाठक, अभिजीत डोगरा, योगेश गोल्डी और यशकांत कश्यप ने मांग की है कि पार्टी के हितों को देखते हुए इस फैसले को निरस्त किया जाए।

Sunday, 22 January 2012

वेलफेयर एसोसिएशन ने किया न्यायिक कर्मियों का विदाई समारोह आयोजित


मंडी। जिला अदालत में कार्यरत दो कर्मियों की सेवानिवृति पर जिला न्यायिक कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन द्वारा एक समारोह आयोजित किया गया। यहां के राजमहल होटल में आयोजित इस समारोह में सेवानिवृत होने वाले न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो में कार्यरत अधीक्षक वर्ग दो नंद लाल और रीडर शेर सिंह को सम्मानित किया गया। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह ने समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सेवानिवृत होने वाले कर्मी हमेशा न्यायिक संस्था के परिवार का हिस्सा रहेंगे और संस्था के दूत के रूप में कार्य करते रहेंगे। उन्होने कहा कि न्यायपालिका में कर्मी नौकरी नहीं बल्कि एक मिशन की तरह कार्य करते हैं। उन्होने कहा कि सेवानिवृत होने वाले कर्मियों के अनुभव और मार्गदर्शन की संस्था को हमेशा जरूरत रहेगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान ने दोनों कर्मियों की सराहना करते हुए मेहनती व कर्मठ कर्मी बताया। इस अवसर पर जिला न्यायिक कर्मचारी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान नवल शर्मा ने न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो में कार्यरत अधीक्षक वर्ग दो नंद लाल और रीडर शेर सिंह की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते उनसे प्रेरणा लेने का आहवान किया। एसोसिएशन के महासचिव प्रेम सिंह ने बताया कि इस मौके पर सेवानिवृत होने वाले कर्मियों ने भी न्यायिक कर्मियों को संबोधित किया। उन्होने बताया कि समारोह में अतिरिक्त जिला एवं सत्र राकेश कैंथला, फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी राजिन्द्र कुमार शर्मा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डी आर ठाकुर, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर एक प्रवीण चौहान, कोर्ट नंबर तीन अमनदीप सिंह, कोर्ट नंबर चार उपासना शर्मा सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य स्टाफ मौजूद था।

उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश धर्म चंद चौधरी शनिवार को लेंगे शपथ


मंडी। जिला मंडी से संबंध रखने वाले प्रदेश उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार जनरल धर्म चंद चौधरी शनिवार को उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसी के साथ वह न्यायमुर्ति ए एल वैद्या के बाद इस पद तक पहुंचने वाले जिला मंडी के दूसरे न्यायमूर्ति बन जाएंगे। उनके उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश बनने की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड पडी है। जिला के सदर उपमंडल के लोहारा गांव में 1958 में जन्मे धर्म चंद चौधरी ने कुल्लू महाविद्यालय से स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद साल 1983 में हिमाचल प्रदेश विश्विदयालय शिमला से कानून स्नातक की डिग्री हासिल की थी। उन्होने शिमला में करीब 12 साल तक उच्च न्यायलय, अधीनस्थ न्यायलयों और हि प्र प्रशासनिक ट्रिब्युनल में बतौर अधिवक्ता वकालत की थी। इस दौरान उन्होने उच्च न्यायलय में केन्द्र सरकार के अतिरिक्त स्टैंडिंग कौंसिल सहित अनेकों सरकारी और अर्धसरकारी बोर्डों और फेडरेशनों के कानूनी सलाहकार के रूप में भी कार्य किया। साल 1995 में उन्हे अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के रूप में तैनात किया गया। उन्होने मंडी, कुल्लू, लाहौल स्पिती और जिला शिमला में बतौर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश के पद पर कार्य किया। उन्हे साल 1999 में जिला एवं सत्र न्यायधीश (इंस्पैकशन) के रूप में तैनात किया गया। वह साल 2001 में जिला हमीरपूर के जिला एवं सत्र न्यायधीश पदस्थ किये गए। वर्ष 2004 में उन्हे जिला मंडी, कुल्लू एवं लाहौल स्पिती के जिला उपभोक्ता फोरमों के अध्यक्ष रूप में तैनात किया गया। वह साल 2006 में जिला एवं सत्र न्यायधीश कुल्लू के रूप में भी कार्यरत रहे। इसी साल उन्हे उच्च न्यायलय के रजिस्ट्रार (रूल) के रूप में तैनात किया गया। वह वर्ष 2010 से मौजूदा पद पर कार्यरत थे। इधर, उनके उच्च न्यायलय के अतिरिक्त न्यायधीश बनाए जाने की घोषणा से क्षेत्र में खुशी की लहर दौड गई है। वह न्यायमुर्ती ए एल वैद्या के बाद मंडी जिला से संबंध रखने वाले उच्च न्यायलय के दूसरे न्यायमुर्ती बने हैं। जिला बार एसोसिएशन के प्रधान धर्म चंद गुलेरिया, पूर्व प्रधान दुनी चंद शर्मा, प्रदेश बार कौंसिल के सदस्य देश राज, नरेन्द्र गुलेरिया और बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव समीर कश्यप सहित बार एसोसिएशन के सदस्यों ने उनके अतिरिक्त न्यायधीश बनने पर उन्हे बधाई दी है।

Thursday, 19 January 2012

वाहन विक्रेता और निर्माता को उपभोक्ता के पक्ष में 25 हजार रूपये हर्जाना अदा करने के आदेश


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने वाहन विक्रेता और निर्माता को उपभोक्ता के पक्ष में 25000 रूपये हर्जाना अदा करने के आदेश दिए । इसके अलावा उपभोक्ता के पक्ष में 3000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करना होगा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा ने सरकाघाट सर्किट बेंच के दौरान सुनाए फैसले में चहडी (थौना) निवासी राकेश कुमार पुत्र कश्मीर सिंह की शिकायत को उचित मानते हुए वाहन विक्रेता रानी की बाई (गुटकर) स्थित राम हरी मोटरस और निर्माता मुम्बई स्थित फोर्स मोटरस लिमिटेड को उक्त आदेश दिए। अधिवक्ता भूपिन्द्र भरमौरिया के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने जीविका कमाने के लिए विक्रेता से वाहन खरीदा था। लेकिन वाहन खरीदने के बाद से ही इसमें खराबी आ गई। जिस पर उपभोक्ता ने विक्रेता की वर्कशाप में वाहन का निरिक्षण करवाया तो पता चला कि पिछले टायरों के ऐक्सिल में खराबी है। उपभोक्ता को आश्वसत किया गया कि जल्द ही खराबी दूर कर दी जाएगी। हालांकि उपभोक्ता द्वारा तीन बार विक्रेता की वर्कशाप में वाहन ले जाया गया लेकिन खराबी दूर नहीं की गई। इसके बाद विक्रेता ने पब्लिक इंजीनियर वर्कस के पास इसका निरिक्षण करवाया तो पिछली ऐक्सिल टयूब में खराबी पाई गई। लेकिन इसके बावजूद खराबी ठीक नहीं की गई। जिसके चलते उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि विक्रेता और निर्माता के ठीक ढंग से सेवा प्रदान न करना सेवाओं में कमी है। उनके पास सक्षम विशेषज्ञ तक मौजूद नहीं हैं जो खराबी का पता लगा सके। जिसके कारण विक्रेता ने खराबी का पता पब्लिक इंजीनियर वर्कस से करवाया। उन्होने सेवाएं प्रदान करने और खराब पुर्जों को बदलने में देरी की जिसके कारण उपभोक्ता को अपना वाहन बेचना पड गया। ऐसे में फोरम ने विक्रेता और निर्माता की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी और मानसिक यंत्रणा की एवज में उक्त हर्जाना राशी और शिकायत अदा करने का फैसला सुनाया।

Wednesday, 18 January 2012

बीडीओ रिवालसर और खंड साक्षरता समिती सचिव को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा


मंडी। सरकारी धन का दुरूपयोग करके विश्वासघात करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने रिवालसर खंड के बीडीओ और खंड साक्षरता समिती के सचिव को दो-दो साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशी निश्चित समय में अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह के साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान के न्यायलय ने रिवालसर खंड के बीडीओ चौपाल गांव निवासी बाल मुकुंद पुत्र जीवन राम और साक्षरता समिती रिवालसर खंड के सचिव धार (रिवालसर) निवासी किश्न चंद पुत्र सुख राम के खिलाफ भादंसं की धारा 409 के तहत अभियोग साबित होने पर उन्हे उकत कारावास की सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार जिला साक्षरता समिती के अध्यक्ष सुंदर लोहिया ने इस बारे में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता के अनुसार समिती एक सवयंसेवी संसथा है जिसका कार्यालय मंडी में सथित है। समिती जिला में 100 फीसदी साक्षरता दर हासिल करने के लिए विभिन्न कार्यक्रम और योजनाएं कार्यान्वित करवा रही है। समिती के कार्य का विकेन्द्रीकरण करने के लिए उपमंडलाधिकारी को अध्यक्ष, बीडीओ को उपाध्यक्ष और एक गैर सरकारी अधिकारी को सचिव और संचालक के रूप में तैनात किया गया है। जिला से भेजी गई राशी संबंधित खंड के बैंक में जमा होती है। इस राशी को उपाध्यक्ष और सचिव के संयुकत हसताक्षरों से ही निकाला जा सकता है। लेकिन आरोपियों ने 9 अप्रैल 1999 से 9 जून 1999 के बीच 1,14,943 रूपये की राशी का निजी आवश्यकताओं के लिए दुरूपयोग कर दिया। पुलिस ने समिती के जिला अध्यक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज करके अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक राजरानी ने 24 गवाहों के बयान कलमबंद करवाकर अभियोग को साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपियों ने सरकारी धन का प्रयोग अपने निजी आवश्यकताओं के लिए किया जो विश्वासघात के अपराध को साबित करता है। ऐसे में अदालत ने आरोपियों को उकत सजा का फैसला सुनाया।

चरस सहित पकडे जाने के दो आरोपियों को दो-दो साल के कठोर कारावास की सजा


मंडी। चरस सहित पकडे जाने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने दो आरोपियों को दो-दो साल के कठोर कारावास और बीस-बीस हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशी निश्चित समय में अदा न करने पर आरोपियों को तीन-तीन माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश राकेश कैंथला की विशेष अदालत ने पधर तहसील के जोरला गांव निवासी निहाल सिंह पुत्र छिगु राम और रिडा गांव निवासी तारा चंद पुत्र सरण सिंह के खिलाफ मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत अभियोग साबित होने पर उक्त सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष के अनुसार सदर थाना पुलिस का दल 23 जनवरी 2006 को एएसआई भीम सैन की अगुवाई में मंडी के सकोर मार्ग लिंक मोड के पास मौजूद था। इसी बीच पुरानी मंडी की ओर से आ रहे उक्त आरोपियों ने पुलिस दल को देखकर तेज कदमों से चलना शुरू कर दिया। जिस पर पुलिस ने संदेह के आधार पर रोक कर उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपी निहाल सिंह के बैग से 550 ग्राम और तारा चंद के बैग से 500 ग्राम चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते उप जिला न्यायवादी सोहन सिंह कौंडल ने 12 गवाहों के बयान अदालत मे समक्ष कलमबंद करवाकर आरोपियों पर अभियोग साबित किया। आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य होने के कारण अदालत ने उन्हे चरस सहित पकडे जाने का दोषी करार दिया। सजा की अवधी पर सुनवाई के बाद अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस तरह के अपराधों के समाज पर पडने वाले प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। लेकिन आरोपियों का पहला अपराध होने, उनकी युवावस्था होने और बरामदशुदा चरस की मात्रा व्यवसायिक न होने के कारण अदालत ने उन्हे उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।

Tuesday, 17 January 2012

किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज के लिए मदद की गुहार लगाई


मंडी। अपनी किडनी देकर भाई की जान बचाने के लिए रामनगर निवासी सतीश कुमार ने उपायुक्त मंडी से गुहार लगाई है। मंगलवार को सतीश कुमार ने उपायुक्त देवेश कुमार को ज्ञापन देकर अपने भाई राजकुमार के इलाज में होने वाले खर्चे को लेकर गुहार लगाई है। राजकुमार की एक किडनी पहले से ही खराब है वहीं पर उसकी दूसरी किडनी में भी पानी भर गया है। उसका इलाज पहले क्षेत्रीय अस्पताल में चल रहा था। अब उसका इलाज पीजीआई में जारी है। हर तीसरे दिन गुटकर के एक डायलेसिस केन्द्र में राजकुमार का डायलेसिस हो रहा है। हर बार डायलेसिस पर करीब 2600 रूपये का खर्चा हो रहा है। हालांकि सतीश कुमार अपनी किडनी देकर राजकुमार की जान बचाना चाहता है लेकिन इलाज में लाखों रूपये का खर्चा होने के कारण वह किडनी ट्रांसप्लांट करवाने में असमर्थ हैं। मंगलवार को सतीश कुमार, राजकुमार व अन्य परिजनों ने अधिवक्ता मनीष कटोच के माध्यम से उपायुक्त से मिलकर राजकुमार के इलाज की गुहार लगाई। जिस पर उपायुक्त देवेश कुमार ने उन्हे आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया है। सतीश कुमार के अनुसार राजकुमार के इलाज के लिए काफी राशी खर्च हो सकती है। जिसके लिए मदद की दरकार है। अगर कोई सज्जन राजकुमार की सहायता करना चाहता है तो राजकुमार की पत्नी सुनीता के स्टेट बैंक की मंडी शाखा के खाता संख्या 31762641391 में राशी जमा करवा सकता है या फिर फोन नंबर 9129125505 पर संपर्क कर सकता है।

परिवहन निगम के चालक को तीन माह के साधारण कारावास और 1000 रूपये जुर्माने की सजा


मंडी। हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के आरोपी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने का अभियोग साबित होने पर अदालत ने तीन माह के साधारण कारावास और 1000 रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना राशी निश्चित समय में अदा न करने पर आरोपी को 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी कोर्ट नंबर दो राजेश चौहान के न्यायलय ने जिला बिलासपुर के जरोलजटा (बैरीहराड) गांव निवासी केशव लाल पुत्र परस राम के खिलाफ भादंसं की धारा 338 और 279 के तहत अभियोग साबित होने पर क्रमश: तीन माह और एक माह के साधारण कारावास और एक-एक हजार रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी के निश्चित समय में जुर्माना राशी अदा न करने पर उसे क्रमश: 15 दिन और 7 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। यह दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार 8 जून 2006 को मनाली से चंडीगढ जा रही हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम की बस को उक्त आरोपी चालक चला रहा था। जब बस कैंची मोड (डयोड) के पास पहुंची तो चालक ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सडक पार कर रहे शुकरदीन को टक्कर मार कर घायल कर दिया था। जिस पर घटनास्थल पर मौजूद चाय की दुकान में काम करने वाले नेपाली युवक गोपी उर्फ वीरबहादुर ने पुलिस को घटना के बारे में सूचित किया था। पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसे हिरासत में लेने के बाद अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले की पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक राजरानी ने 13 गवाह पेश करके आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में पेश किए गए पर्याप्त साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित हुआ है। जिसके चलते उसे उक्त कारावास और जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया।

Monday, 16 January 2012

प्रेस क्लब सदस्यों को जारी करेगा आई कार्ड


मंडी। प्रेस क्लब मंडी की कार्यकारिणी की बैठक सोमवार को प्रेस क्लब भवन रामनगर में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता क्लब के प्रधान बीरबल शर्मा ने की। क्लब के महासचिव समीर कश्यप ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि इस साल से क्लब के सदस्यों को पहचान पत्र (आई कार्ड) जारी किए जाएंगे। इन कार्ड धारक सदस्यों को कार्ड के आधार पर विभिन्न स्वास्थय संस्थाओं, परिवहन और व्यवसायिक उपक्रमों में वस्तुओं और सेवाओं की दरों में छुट दिलवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। इसके अलावा बैठक में विगत 1 जनवरी से 31 जनवरी तक चलाए जा रहे प्रेस क्लब की सदस्यता अभियान की भी समीक्षा की गई। बैठक में कलब की अन्य गतिविधियों को लेकर भी रूपरेखा तैयार की गई। क्लब के महासचिव ने बताया कि बैठक में उपप्रधान रणवीर सिंह ठाकुर, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र कुमार, कार्यकारिणी सदस्य मुरारी शर्मा, अमन अग्निहोत्री, नारायण ठाकुर और राजपाल सिंह राजू मौजूद थे।

चरस तस्करी के आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख जुर्माने की सजा


मंडी। चरस तस्करी का अभियोग साबित होने पर अदालत ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और एक लाख रूपये जुर्माने की सजा सुनाई। आरोपी के निश्चित समय में जुर्माना अदा न करने पर उसे दो साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। फास्ट ट्रैक कोर्ट के पीठासीन अधिकारी राजिन्द्र कुमार शर्मा की विशेष अदालत ने सदर उपमंडल के चौकडी (बृखमणी) गांव निवासी मान सिंह पुत्र माघु राम के कब्जे से 6 किलो चरस बरामद होने का अभियोग मादक एवं नशीले पदार्थ अधिनियम की धारा 20 के तहत साबित होने पर उक्त सजा का फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार 25 अक्तुबर 2010 को गोहर थाना पुलिस का दल एएसआई राम लाल की अगुवाई में लंबा थाच के नजदीक निहरी खान के पास मौजूद था। इसी दौरान च्युणी की तरफ से पैदल आ रहे आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशीश की। जिस पर पुलिस दल ने आरोपी को काबू कर लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसकी पीठ में उठाए पिठु बैग से 6 किलो चरस बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए उप जिला न्यायवादी यश पाल सिंह नेगी ने 13 गवाहों के बयान दर्ज कर आरोपी पर अभियोग साबित किया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किये गए साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित हुआ है। अदालत ने सजा की अवधी पर सुनवाई के दौरान कहा कि 20 वीं सदी के उतरार्ध में नशीले पदार्थों से जुडे अपराधों में चेतावनीपूर्ण ढंग से बढौतरी हुई है। इस तरह के अपराध न केवल व्यक्ति की सेहत के लिये नुकसानदेह है बल्कि देश के लिए भी समस्या है। ऐसे में इन मामलों में नरम रूख नहीं अपनाया जा सकता। अदालत ने आरोपी से बरामदशुदा चरस की मात्रा व्यवसायिक होने के कारण उसे उक्त सजा का फैसला सुनाया।

Wednesday, 11 January 2012

बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 24 हजार रूपये ब्याज सहित अदा करने के आदेश

मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में 24 हजार रूपये की राशी ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। इसके अलावा कंपनी की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 1000 रूपये हर्जाना और 1000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने के आदेश दिए। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा एवं लाल सिंह ने सदर उपमंडल के ऊबा (शिवा) निवासी गिरधारी लाल पुत्र गंगा राम की शिकायत को उचित मानते हुए ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी की पैलेस कलौनी स्थित शाखा को उक्त राशी 9 प्रतिशत ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए। अधिवक्ता पुष्प राज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता ने अपनी चार जर्सी गायें बीमाकृत करवाई थी। बीमा अवधी के दौरान ही एक गाय की पहाडी से गिरने से मौत हो गई। उपभोक्ता ने गाय खरीदने में वितिय सहायता देने वाले हि.प्र. को-आपरेटिव बैंक को सूचित किया था। बैंक ने इसकी सूचना बीमा कंपनी को दी थी। कंपनी की सलाह पर उपभोक्ता ने मृत गाय का पोस्टमार्टम करवाकर इसकी रिर्पोट सहित तमाम दस्तावेज कंपनी को बैंक के माध्यम से पहुंचाए थे। उपभोक्ता को कंपनी की ओर से एक पत्र मिला जिसमें गाय के कान के टैग की मांग की गई। जिस पर उपभोक्ता ने कंपनी के कार्यालय में जाकर बताया कि कानों का टैग अन्य दस्तावेजों सहित पहले ही मुआवजा तय करने के लिए सौंप दिया गया है। इस बारे में बैंक ने एक प्रमाण पत्र भी जारी किया था जिसके अनुसार कानों का टैग तथा अन्य दस्तावेज कंपनी को सौंप दिये गए थे। लेकिन कंपनी के मुआवजा तय न करने पर उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस बारे में कंपनी का कहना था कि मृत गाय के कान में आधा टुटा हुआ और ढीला टैग था। जिस पर कंपनी का नाम नहीं था। इस कारण मुआवजा खारिज किया गया। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि मृत गाय की पहचान हेल्थ सर्टीफिकेट और पोस्ट मार्टम रिर्पोट के विवरणों से साबित होती है। यह विवरण कंपनी के सर्वेयर की रिर्पोट से भी मेल खाते हैं। कंपनी ने बैंक द्वारा जमा करवाए गये टैग के आधे हिस्से को भी पेश नहीं किया। फोरम ने अपने नतीजे पर पहुंचते हुए कहा कि मृत गाय वही थी जिसका बीमा करवाया गया था। ऐसे में फोरम ने कंपनी को उपभोक्ता के पक्ष में गाय की मुआवजा राशी ब्याज सहित अदा करने के अलावा हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

Tuesday, 10 January 2012

बिजली बोर्ड को उपभोक्ता के पक्ष में हर्जाना अदा करने के आदेश


मंडी। जिला उपभोक्ता फोरम ने विद्युत बोर्ड को उपभोक्ता के मीटर के दो बिलों पर लगाए जुर्माने को निरस्त करने के आदेश दिए। इसके अलावा बोर्ड की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले 1000 रूपये हर्जाना और 1000 रूपये शिकायत व्यय भी अदा करने को कहा। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष राजीव भारद्वाज और सदस्यों रमा वर्मा व लाल सिंह ने थुनाग निवासी कश्मीर सिंह पुत्र हरी सिंह की शिकायत को उचित मानते हुए हि. प्र. विद्युत बोर्ड के जंजैहली उपमंडल के एसडीओ को उपभोक्ता के दो बिलों पर लगाए जुर्माने को निरस्त करने के आदेश दिए। अधिवक्ता पुष्प राज शर्मा के माध्यम से फोरम में दायर शिकायत के अनुसार उपभोक्ता को 18 जून 2010 को 228 रूपये का बिल दिया गया। जिसे उन्होने अदा कर दिया। इसके बाद उन्हे 18 सितंबर 2010 को उन्हे 571 रूपये का बिल दिया गया। जिसकी पुरानी रिडिंग 5170 युनिट और नयी 5310 युनिट बताई गई। इसके बाद उपभोक्ता को 15 दिसंबर 2010 को 1327 रूपये का बिल जारी किया गया। जिसकी पुरानी रिडिंग 5310 युनिट की बजाय 5610 युनिट बताई गई। उपभोक्ता ने इस गल्ती को ठीक करने के लिए बोर्ड को संपर्क किया। लेकिन गल्ती सुधारने के बजाय उपभोक्ता का कुनेक्शन ही काट दिया गया। जिसके चलते उपभोक्ता ने फोरम में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत के जवाब में बोर्ड का कहना था कि सितंबर महीने में उपभोक्ता ने मीटर में एकस रे सट्रीप लगा कर इसे रोक दिया था। जिसके कारण उनके बिल में 140 युनिट बढाए गए। जबकि बिल की बकाया राशी अदा न करने पर उनका कुनेक्शन काटा गया। फोरम ने अपने फैसले में कहा कि बिजली बोर्ड ने बिजली चोरी के मामले की विद्युत अधिनियम के तहत प्रक्रिया पूरी नहीं की। कुनेक्शन काटने से पहले यह प्रक्रिया पूरी न करने पर जुर्माना वसुलना गैरकानूनी है। ऐसे में फोरम ने सितंबर और दिसंबर माह के बिलों पर लगाए जुर्माने को निरस्त करने के आदेश दिए। वहीं पर बोर्ड की सेवाओं में कमी के चलते उपभोक्ता को पहुंची परेशानी के बदले हर्जाना और शिकायत व्यय भी अदा करने का फैसला सुनाया।

Monday, 9 January 2012

एएसपी हीरा सिंह ठाकुर सहित जिला के 6 पुलिस कर्मी डी जी डिस्क अवार्ड से होंगे सम्मानित


मंडी। अतिरिक्त जिला पुलिस अधीक्षक हीरा सिंह ठाकुर सहित मंडी जिला में कार्यरत छह पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को उत्कृष्ट सेवा के लिए डी जी डिस्क अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जारी पत्र में प्रदेश भर के 60 कर्मियों के नाम इस अवार्ड के लिए घोषित किए गए हैं। मंडी के सम्मानित किए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों में चार जिला पुलिस से हैं जबकि दो कर्मी मंडी के विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो में इस समय कार्यरत हैं। डी जी डिस्क से सम्मानित किए जाने वालों की सूचि में जिला पुलिस के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हीरा सिंह ठाकुर, उपनिरिक्षक राजेन्द्र सिंह, शहरी चौकी प्रभारी सहायक उप निरिक्षक विजय कुमार और मुख्य आरक्षी राम सिंह शामिल हैं। जबकि विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्युरो में कार्यरत निरिक्षक मदन धीमान और मुख्य आरक्षी लाल सिंह को भी डी जी डिस्क अवार्ड से नवाजा जाएगा। शहरी चौकी प्रभारी विजय कुमार ने पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस महानिदेशक के कार्यालय से जारी पत्र से उन्हे सूचि में शामिल होने के बारे में पता चला है। हालांकि अवार्ड मिलने की तिथी अभी तक सुनिशचित नहीं है। उन्होने बताया कि पुलिस कर्मियों की उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह अवार्ड दिया जाता है।