Wednesday, 8 February 2012

विस्फोटक बरामद होने का अभियोग साबित न होने पर अदालत ने किए तीन आरोपी बरी


मंडी। विस्फोटक पदार्थ रखने के तीन आरोपियों के खिलाफ अभियोग साबित न होने पर अदालत ने उन्हे बरी करने का फैसला सुनाय। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों पर संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित नहीं कर सका। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश राकेश कैंथला के न्यायलय ने औट तहसील के रैंस गांव निवासी चिरंजी लाल पुत्र हरी सिंह, निश गांव निवासी भेद राम पुत्र अच्छरू राम और नेपाल के अंचल भगवंती के बथोंग (सिधपुल चौक) निवासी कैला लामा पुत्र नीमे दोरजे के खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत अभियोग साबित नहीं होने पर उन्हे बरी करने का फैसला सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार औट थाना पुलिस का दल 19 दिसंबर 2002 को खोती नाला के पास तैनात था। इसी दौरान हणोगी की ओर से कंधे पर बैग उठाए आ रहे एक व्यक्ति को संदेह के आधार पर रोक कर उसके बैग की तलाशी ली गई। पुलिस को तलाशी के दौरान बैग से 20 डेटोनेटर (जिलेटीन) और 9 कैपस (टोपियां) बरामद हुई थी। पुलिस ने आरोपी चिरंजी लाल को विस्फोटक अधिनियम के तहत हिरासत में लिया था। आरोपी ने पुलिस तहकीकात में बताया था कि यह विस्फोटक आरोपी कैला लामा ने आरोपी भेद राम को बेचे थे और उसने यह भेदराम से खरीदे थे। इस पर पुलिस ने भेद राम और कैला लामा को भी हिरासत में लेकर तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में अभियोग चलाया था। अभियोजन पक्ष की ओर से इस मामले में 8 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता समीर कश्यप का कहना था कि इस मामले के स्वतंत्र गवाहों ने पुलिस अधिकारियों के बयानों से विरोधाभासी बयान दिये हैं। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य पेश नहीं कर सका जिससे आरोपियों पर संदेह की छाया से दूर अभियोग साबित हो सके। ऐसे में अदालत ने आरोपियों को बरी करने का फैसला सुनाया।

Tuesday, 7 February 2012

गुरू रविदास ने भगवान के संदेह वाहक के रूप में कार्य कियाः विक्रमादित्य सिंह


मंडी। हिमाचल प्रदेश खेल संस्कृति एवं पर्यावरण संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह ने संत परंपरा के महान योगी एवं परम ज्ञानी गुरू रविदास जी के 635 वें प्रकटोत्सव पर यहां के रवि नगर में आयोजित धार्मिक समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होने कहा कि विश्व की रचना करने वाले भगवान अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए समय समय पर अपने संदेश वाहक पृथ्वी पर भेजते रहते हैं। यह संदेश वाहक संतों और योगियों के रूप में भगवान का प्यार लोगों में बांटते हैं। ऐसे ही एक योगी पुरूष गुरू रवि दास जी थे। गुरू रविदास जी उच्च कोटी के पूर्ण संत थे। उनकी दृष्टि में कर्म ही धर्म था। उनका जीवन इस बात का महान उदाहरण है कि हम संसार में रहते हुए और सामाजिक दायित्व निभाते हुए भी प्रभु प्राप्ती का मार्ग पा सकते हैं। उनकी वाणी अत्यंत सरल और उदार विचारों व भक्ति भावना से पूर्ण थी। उनके भजन श्रद्धा से गाए जाते हैं। ऐसे संत के बताए मार्ग पर चलना प्रत्येक इंसान का कर्तव्य है। विक्रमादित्य सिंह ने रविदास सभा द्वारा आयोजित समारोह में मुख्य अतिथी के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर रविनगर स्थित गुरू रविदास के गुरूद्वारे में झंडा रस्म अदा की। सभा की ओर से विक्रमादित्य सिंह को सिरोपा भी भेंट किया गया। इस मौके पर रविदास सभा के प्रधान जयकिशन, पार्षद विमला, योगराज, नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष पुष्प राज शर्मा, राजेन्द्र मोहन, युवां कांग्रेस के संसदीय अध्यक्ष संजय डोगरा तथा स्थानिय निवासी भारी संख्या में मौजूद थे।

सराची गांव में देवता गहरल और पांजवीर की भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशीश


मंडी। गोहर उपमंडल की थुनाग तहसील के सराची गांव में देवता गहरल और देवता पांजवीर की भूमि पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा करके शैड डाल दिए हैं। इस अवैध कब्जे की कोशीश का पता लगते ही स्थानिय लोगों ने वन विभाग को सूचित किया था। लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही न होने के कारण सराची गांव निवासियों के एक प्रतिनिधीमंडल ने मुख्यमंत्री प्रो प्रेम कुमार धूमल को ज्ञापन प्रेषित किया है। इस प्रतिनिधीमंडल ने अतिरिक्त उपायुक्त हंस राज चौहान को भी इस बारे में ज्ञापन सौंपा है। सराची गांव निवासियों प्यारे लाल, कांशी राम, नरोतम राम, अनुप चंद व अन्यों ने बताया कि गांव के ही कुछ लोगों ने देहुरीधार में देवता गहरल और पांजवीर की झुघाणीनाला डीपीएफ जंगल में स्थित भूमि पर कब्जा करने की नीयत से पांच कमरों का शैड बना दिया है। देवता की इस वन भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशीश का पता चलते ही स्थानिय लोगों ने वन विभाग के कंजरेवेटर और नाचन उपमंडल के डीएफओ को भी सूचना दे दी गई थी। लेकिन विभाग द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है और वन भूमि की जमीन पर अवैध कब्जा करने की इस कोशीश पर रोक लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। इधर, अतिरिक्त उपायुक्त हंस राज चौहान ने प्रतिनिधीमंडल के ज्ञापन पर संज्ञान लेते हुए थुनाग तहसील के तहसीलदार को इस मामले में छानबीन करके आवश्यक कार्यवाही अम्ल में लाने के निर्देश दिए हैं।

Saturday, 4 February 2012

प्रेस क्लब मंडी ने परिवहन मंत्री के वकतव्य पर आपति जताई


मंडी। प्रेस क्लब मंडी ने परिवहन मंत्री महेन्द्र सिंह के सरकाघाट में जनसभा को संबोधित करते हुए पत्रकारों के खिलाफ दिये गए वकतव्य पर कडी आपति जताई है। प्रेस क्लब ने इस मामले में प्रेस क्लब सरकाघाट का पूरा-पूरा समर्थन किया है। प्रेस क्लब मंडी की कार्यकारिणी की बैठक शनिवार को रामनगर स्थित प्रेस क्लब भवन में आयोजित की गई। जिसकी अध्यक्षता प्रेस क्लब के अध्यक्ष बीरबल शर्मा ने की। क्लब के महासचिव समीर कश्यप ने बताया कि क्लब ने सरकाघाट प्रेस क्लब का समर्थन करते हुए प्रस्ताव पारित किया है। परिवहन मंत्री महेन्द्र सिंह के सरकाघाट प्रेस क्लब को पत्रकारिता माफिया कहने का विरोध जताते हुए क्लब ने मंत्री से माफी मांगने की मांग की है। उन्होने कहा कि अगर परिवहन मंत्री को किसी पत्रकार विशेष से शिकायत थी तो उन्हे सपष्ट तौर पर उनका नाम लेना चाहिए था। लेकिन पत्रकार वर्ग के खिलाफ सामुहिक तौर पर इस तरह के वकतव्य पूरी तरह से गैर जिम्मेदाराना और दुर्भावनापूर्ण तरीके से मानहानी करने वाला है। प्रेस क्लब ने परिवहन मंत्री से इस मामले को जल्द सुलझाने की मांग की है। उन्होने कहा कि प्रेस क्लब की सदस्यता का अभियान 15 फरवरी तक बढा दिया गया है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि रामनगर स्थित क्लब भवन के उदघाटन के लिए मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल से आग्रह किया जाएगा। बैठक में प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर, सह सचिव रमेश यादव, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य मुरारी शर्मा और नारायण ठाकुर भी मौजूद थे।

पुलिस और जनता की दूरी समाप्त की जाएः आशीष


मंडी। सदर पुलिस थाना परिसर में शुक्रवार को पुलिस सामुदायिक योजना की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला पुलिस उपाधीक्षक आशीष शर्मा ने की। इस अवसर पर सामुदायिक योजना पर प्रकाश डालते हुए उन्होने कहा कि इस योजना का उदेश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी समाप्त करना है। जिससे अपराधों पर लगाम लगाई जा सके और समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इसके अलावा उन्होने सडक सुरक्षा के बारे में लोगों को जागरूक करने का आहवान किया। उन्होने कहा कि हालांकि पुलिस ने सडक सुरक्षा की जागरूकता के लिए विभिन्न सकूलों में पोस्टर भी लगवाए हैं। लेकिन खास तौर पर तेज रफ्तार बाईकरों की दुघर्टनाएं रोकने के लिए लोगों को इन बाईकस के नंबर पुलिस को बताने चाहिए। जिससे इस चालकों के खिलाफ उचित कार्यवाही की जा सके। इसके अलावा लोगों को आसपास के क्षेत्र में घटित होने वाले अपराधों और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना भी पुलिस को देनी चाहिए। बैठक में मंडी शहर के विभिन्न वार्डों, पंडोह, लागधार, बाडी गुमाणु और सदर थाना अंतर्गत विभिन्न स्थानों से आए सामुदायिक योजना के सदस्यों ने भाग लिया। वहीं पर नशे के कारोबर में संलिप्त लोगों और नशे के शिकार युवकों के सुधारों पर भी बैठक में चर्चा की गई। इस अवसर पर सदर थाना प्रभारी सुरेन्द्र पाल मिन्हास, शहरी चौकी प्रभारी विजय कुमार और जिला एवं सत्र न्यायलय द्वारा सदर थाना में तैनात किए गए पैरा लीगल वालंटियर समीर कश्यप भी विशेष रूप से मौजूद थे।

Tuesday, 31 January 2012

सौ साल पुराने पीपल का बेदर्दी से कटान


मंडी। यहां के पैलेस कलौनी में मिलटरी कैंटीन के पास स्थित एक ऐतिहासिक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। मंडी की संस्था आरटीआई ब्युरो ने वन विभाग के कंजरवेटर को इस कटान पर तुरंत रोक लगाने की मांग की है। जानकारी के अनुसार मंगलवार को यहां के पैलेस मुहल्ला में एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान शुरू हो गया। जिस पर स्थानिय वासियों ने इस कटान की सूचना आरटीआई बयुरो को दी। ऐसे में ब्युरो के संयोजक लवण ठाकुर मौका पर पहुंचे। उन्होने बताया कि पैलेस स्थित राजमहल के परिसर में सैंकडों साल पुराने एक पीपल के पेड का बुरी तरह से कटान किया जा रहा है। उन्होने बताया कि जिस तरह से पेड का कटान हो रहा है उससे यह पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। उन्होने पीपल का कटान तुरंत प्रभाव से रोकने के लिए वन विभाग के कंजरवेटर से शिकायत की है। इधर, कंजरवेटर सी बी पांडये ने बताया कि शिकायत पर जांच करवाई जाएगी।

Sunday, 29 January 2012

एसएचओ श्रेष्ठा ठाकुर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में


मंडी। चालीस हजार रूपये रिश्वत लेती रंगे हाथ पकडी गई जोगिन्द्रनगर की एसएचओ श्रेष्ठा ठाकुर को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। आरोपी एसएचओ से हिफाजती तहकीकात शेष न होने के कारण अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह की विशेष अदालत के समक्ष रविवार को विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्युरो की टीम ने दो दिन के पुलिस रिमांड के बाद 40,000 रूपये की रिश्वत लेती पकडी गई जोगिन्द्र नगर पुलिस थाना की एसएचओ श्रेषठा ठाकुर को पेश किया गया। जहां पर विजिलेंस का कहना था कि आरोपी से हिफाजती तहकीकात, पूछताछ और कोई बरामदगी शेष नहीं है। अदालत ने इन तथ्यों के मदेनजर आरोपी एसएचओ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि गणतंत्र दिवस के दिन विजिलेंस की शिमला और मंडी की टीमों ने संयुक्त अभियान के तहत जोगिन्द्रनगर थाना में तैनात थाना प्रभारी श्रेष्ठा ठाकुर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकडा था। वह एक मामले को रफा दफा करवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रही थी। जिस पर विजिलेंस की टीम ने ट्रैप की कारवाही को अंजाम दिया था। आरोपी एसएचओ को 27 जनवरी को जिला एवं सत्र न्यायधीश वीरेन्द्र सिंह के न्यायलय में पेश किया गया था। जहां पर आरोपी से पुलिस तहकीकात और पूछताछ शेष होने के कारण उसे दो दिन के पुलिस रिमांड में भेजा गया था। पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद रविवार को अदालत से न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश के बाद आरोपी एसएचओ को उपजेल मंडी भेज दिया गया है। वहीं पर पुलिस विभाग ने भी विभागिय कारवाही करते हुए आरोपी एसएचओ को ससपेंड कर दिया है।